Details, Fiction and Amavasya
साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें।
सामने गादी बैठे राजा, पीडो बैठे प्राजा मोहे।
शाबर मंत्रों का उपयोग विभिन्न प्रकार की समस्याओं का समाधान करने के लिए किया जाता है। इनमें कुछ प्रमुख लाभ हैं।
अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें।
ॐ काला भैरू, कपिला केश। काना कुंडल भगवा वेष।
गुरु की भूमिका:- शाबर मंत्रों की सिद्धि के लिए गुरु से दीक्षा लेना आवश्यक है। गुरु के निर्देशों का पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ पालन करें।
क्योंकि इस समय साधना करने से उन्हें जल्दी ही साधना में सफलता प्राप्त होती है,अगर कोई साधक सूर्य ग्रहण या फिर चंद्र ग्रहण के समय मंत्र साधना करता है तो उसे अवश्य सफलता मिलती है.
शास्त्रों के अनुसार देखा जाए तो ग्रहण काल का समय अशुभ माना जाता है और ग्रहण काल के समय भारत के लगभग सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं.
हिंदू धर्म में ऐसी कई किताबों का उल्लेख है जिसमें असंख्य शक्तिशाली मंत्र दिए गए हैं जिसका चमत्कार समय-समय पर देखने को मिल जाता है.
मृत्युंजय read more हवन, गणेश हवन, नवग्रह शांति... इत्यादि
इसी तरह लगातार जप का अभ्यास करते रहने से आपके चित्त में वह मंत्र इस कदर जम जाता है कि फिर नींद में भी वह चलता रहता है और अंतत: एक दिन वह मंत्र सिद्ध हो जाता है। दरअसल, मन जब मंत्र के अधीन हो जाता है तब वह सिद्ध होने लगता है। अब सवाल यह उठता है कि सिद्ध होने के बाद क्या होता है या कि उसका क्या लाभ? आओ अगले पन्नों पर इसे जानते हैं।
जप काल में भोग आदि सामग्री, फल-फूल, मिठाई आदि ताजा एवं शुद्ध होनी चाहिए।
हर मंत्र की प्रत्येक विधि होती है, उसी का पालन करें।
मंत्र साधना और जप के चमत्कारिक लाभ, जानिए...